राजस्थान बोर्ड को मिला नया अध्यक्ष, हनुमान सिंह राठौड़ संभालेंगे जिम्मेदारी, चार साल बाद हुई नियुक्ति

Rajasthan Board gets a new chairman

Rajasthan Board gets a new chairman

RBSE Board  Appointment New Chairman: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  को को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है.  करीब चार साल बाद  आरबीएसई तो नया अध्यक्ष मिल गया है. राज्य सरकार ने चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर अजमेर जिले के पीसांगन निवासी एवं शिक्षा जगत से जुड़े वरिष्ठ शिक्षाविद् हनुमान सिंह राठौड़ को बोर्ड अध्यक्ष नियुक्त किया है.शिक्षा विभाग ने शनिवार को इसकी अधिसूचना जारी की. राठौड़ का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन साल का रहेगा.

कौन हैं नए अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़?

राजस्थान बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष  हनुमान सिंह राठौड़ वर्तमान में अजमेर शहर के पीसांगन के निवासी हैं. वर्तमान में भुनाबाई क्षेत्र में रहते हैं . राठौड़ शिक्षा जगत से बेहद गहराई से जुड़े रहे हैं . वह सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हैं. इसके अलावा वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में भी विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं. लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण उन्हें गहरा प्रशासनिक और शैक्षणिक अनुभव प्राप्त है, जिसकी साधा अब बोर्ड को मिलता हुआ माना जा रहा है.

रीट पेपर लीक के बाद से खाली चल रहा था पद

गौरतलब है कि जनवरी 2022 में  राज्य  में रीट पेपर लीक मामले के बाद तत्कालीन बोर्ड अध्यक् प्रो. डी.पी. जारोली को पद से बर्खास्त कर दिया गया था. उस बड़ी कार्रवाई के बाद से बोर्ड अध्यक्ष का पद रिक्त था. और तब से करीब चार साल तककिसी स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी थी और यह पद लगातार रिक्त चल रहा था.

 रीट पेपर लीक मामले की जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने की थी . जिसमें  मुख्य आरोपी रामकृपाल मीणा और प्रदीप पाराशर सहित 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. बाद में ईडी ने भी मामले में कार्रवाई करते हुए सितंबर 2024 में दोनों आरोपियों से जुड़े चार बैंक खातों को फ्रीज किया था.

लंबित कार्यों को मिलेगी गति

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड्स में से एक है, जिससे राज्य के हजारों स्कूल और लाखों छात्र जुड़े हैं. अब हनुमान सिंह राठौड़ की नियुक्ति के साथ राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को स्थायी अध्यक्ष मिल गया है.इससे माना जा रहा है कि बोर्ड की विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी तथा लंबित कार्यों में भी तेजी आएगी.